भाजपा एक मुँर्खो कि राजनितिक पार्टी है...



जब भाजपा कि सरकार बनती है. तब पाँच साल तक देश के खजाने को भरने में लग जाती है.
खजाना तो भर जाता हैं. परंतु सुविधा भोगी जनता परेशान हो जाती है..
परेशानी कि मानसिक द्शा में वह कांग्रेस या किसी विपक्षी दल को जीता देते हैं...
और फीर कांग्रेस भाजपा द्व्वरा अर्जित राष्ट्रकोष का जमकर उपभोग करती है..
कुछ मुफ्त के नाम पर जनता को परोसती है कुछ खुद घटक कर जाती है इस तरह आम जनता भी खुश और  पार्टी भी मदमस्त रहती है. इस तरह से कुछ मुफ्‍तखोर जनता  फिर से कांग्रेस को चुन लेती है. पर तब तक राष्ट्रकोष का खजाना खत्म हो जाता है. तब कांग्रेस आम जनता  को तमाम तरह के TAX और मंहगाँइ से त्रस्त हो कर नये विकल्प मे फिर से भाजपा को एक बडी़ जीत के साथ देश के सत्ता पर बैठाती है.. और फिर से भाजपा  पाँच साल तक देश के खजाने को भरने में लग जाती है..
यही हाल अटल बिहारी वाजपेयी जी के भी साथ हुवा था.. इन्होने देश के खाली पड़ें खजाने को विदेशी प्रतिबंधो (परमाणु परिक्षण के कारण) क़े बावजुद भरा था. इस प्र्कार के वित्तिय अनुशासन को सुविधा भोगी व कुछ मुफ्‍तखोर जनता  फिर से UPA को चुन लिया.
UPA ने वाजपेयी जी के द्ववारा अर्जित राष्ट्रकोष का जमकर उपभोग किया और सुविधा भोगी व कुछ मुफ्‍तखोर जनता भी मौज़ कराया और तुरन्त पांच साल के लिये पुन: सत्ता मे आये  परन्तु तब तक राष्ट्रकोष  खाली हो चुका था. उस समय के तत्कालिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को कहना पडा था कि पैसे पेड पर नहीं उगते है..
देश मे संसाधनो कि कमी हो जाने के कारण विभिन्न समुहो को उसे हांसिल करने कि होड़ लग गइ..
जिसके कारण प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को कहना पडा कि देश के संसाधनो पर केवल मुसलमानो का हक़ है, और अंत मे जनता परेशान हो कर मोदी जी को चुना और मोदी जी फिर से देश कि वित्तिय व्यव्स्था को मजबुत करने मे लगे हुवे हैं और सुविधाभोगी लोग परेशान है. इन मुफ्‍तखोरो कि पिपसा इतनी बढ़ गइ है कि ये लोग ह्जार या पांच सौ से नही मानने वाले है. इन्हे चाहिऐ पन्द्रह लाख रुपये वो भी बिना हाथ पैर हिलाऐ
अब भी मोदी जी समझ जाइये यदि आप सिर्फ राष्ट्रकोष को भरने मे हि लगे रहोगे तो ये सुविधा भोगी व मुफ्‍तखोर जनता फिर से UPA को चुन लेगी और अगले दस साल तक सत्ता UPA के पास रहेगी.. और देश का दोहन होगा
इसीलिए मोदी जी आप के द्ववारा जो भी  अर्जित राष्ट्रकोष हैं उसका जमकर उपभोग राष्ट्रहित के लिऐ किजिये और जनता को भी कुछ आन्नद का अनुभव कराइये....
नहि तो मौज़ अगला मारेगा .....
बिते चार वर्षों में जो भी आप ने राष्ट्रहित  के लिये कड़े फैसले लिये वो सराहनिय है..
परंतु याद रखिये  "सोम का धन शैतान खाय" अगर आप अपने मेहनत से देश का खजाना भरोगे जनता को मुफ्त मे नही बाटोगे तो उसे आने वाला शैतान ही खायेगा...
अत: आप पुरानी निति छोड़ीये और ये निति अपनाइये " बासि बचे न कुत्ता खाय"


जय हिद......
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भाजपा एक मुँर्खो कि राजनितिक पार्टी है... भाजपा एक मुँर्खो कि राजनितिक पार्टी है... Reviewed by Ranjeet Singh on 6/23/2018 Rating: 5

2 टिप्‍पणियां

Unknown ने कहा…

Very good

Unknown ने कहा…

true....

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